Wednesday, 10 June 2020

आरटीई पोर्टल राजस्थान RTE Portal 2020-21 प्रवेश

आरटीई पोर्टल  राजस्थान RTE 2020-21 प्रवेश

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RTE 2020-21

आरटीई पोर्टल में प्रवेश 

देश में  पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया का स्लोगन काफी चर्चित रहा है क्योंकि सरकार के महत्वपूर्ण उद्देश्य में से एक शिक्षा को बढ़ावा देना है सभी वर्ग के बच्चों को शिक्षा का अधिकार देने के लिए सरकार ने संविधान में शिक्षा का अधिकार को एक अलग से स्थान दिया है जिसमें 6 से 14 वर्ष के बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षा दिलाना सरकार का दायित्व है।


क्या है राइट टू  एजुकेशन एक्ट RTE ?


शिक्षा के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भारत के संविधान में 86 व संशोधन करके आर्टिकल 21a को सम्मिलित किया गया जिसके तहत 6 से 14 वर्ष के बच्चों को उनके नजदीकी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा दिलाई जाएगी निशुल्क शिक्षा से तात्पर्य बच्चों की स्कूल की फीस स्कूल ड्रेस तथा किताबों के लिए कोई पैसे नहीं लिए जाएंगे |


 इस अधिनियम के अंतर्गत निजी स्कूलों में 25% बच्चों के नामांकन बिना किसी शुल्क के किए जाएंगे आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग तथा अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के बच्चों को इस 25% नामांकन की श्रेणी में शामिल किया जाएगा |

RTE  एक्ट के तहत आवेदन करने के लिए पात्रता |




  • इस अधिनियम में 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए ही आवेदन किया जा सकता है आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग निजी स्कूलों में 25% आरक्षित सीटों के लिए आवेदन कर सकते हैं तथा परिवार की  वार्षिक आय 3,50,000 या उससे कम हो |
  • अनाथ बेघर या अन्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चन ट्रांसजेंडर बच्चे और प्रवासी श्रमिकों के बच्चे आरटीई एक्ट के अधीन आरक्षित सीटों के लिए आवेदन करने के लिए पात्र होंगे साथ ही अनुसूचित जाति तथा जनजाति के बच्चे भी आरक्षित सीटों के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे |


आरटीई में आवेदन करने के लिए दस्तावेज


  1. माता पिता का फोटोयुक्त पहचान पत्र जैसे ड्राइविंग लाइसेंस मतदाता पहचान पत्र आधार कार्ड राशन कार्ड जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट इनमें से कोई भी एक
  2. बच्चे का पहचान पत्र जैसे जन्म प्रमाण पत्र पासपोर्ट आधार कार्ड इनमें से किसी भी दस्तावेज को जमा किया जा सकता है
  3. जाति प्रमाण पत्र आरटीई में प्रवेश के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है
  4. भारत के रेवेन्यू डिपार्टमेंट आय प्रमाण पत्र
  5. बच्चे का स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान किया गया प्रमाण पत्र
  6. देवगढ़ तथा प्रवासी मजदूरों के बच्चों के केस में एक एफिडेविट तैयार किया जाता है जिसे श्रम विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग या शिक्षा विभाग द्वारा पारित किया जाता है
  7. बच्चे का पासपोर्ट साइज फोटो
  8. अनाथ बच्चों के मामले में माता पिता का डेथ सर्टिफिकेट होना चाहिए |
प्रवेश की अंतिम तिथि से पहले सभी दस्तावेज अनिवार्य रूप से जमा किए जाने चाहिए आरटीई में प्रवेश के लिए प्रतिवर्ष सामान्य रूप से अंतिम तिथि अप्रैल के दूसरे या अंतिम सप्ताह के मध्य होती है |


 आरटीई का आवेदन कैसे करें ?



  1. आरटीई में आवेदन ऑनलाइन रूप से मांगे जाते हैं इसमें आवेदन हर राज्य के  शिक्षा विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट https://rte.raj.nic.in/home/home.aspx पर अतिथि पर उपलब्ध कराए जाते हैं |
  2. इसमें आवेदन प्रतिवर्ष कुछ निश्चित तिथि को ही वेबसाइट पर उपलब्ध होते हैं तिथि निकल जाने के बाद आवेदन फॉर्म उपलब्ध नहीं होता है |
  3. आवेदन करते समय बच्चों के अभिभावक यह ध्यान रखें कि बच्चों के नाम के साथ ही उनका जन्म स्थान ,उम्र, लिंग तथा अन्य जानकारी भी सही भरी जाए |
  4. इसके बाद फॉर्म सबमिट बटन पर क्लिक करके फॉर्म को सबमिट करें |
  5. इसमें आवेदन ऑनलाइन कराया जाता है इसलिए फॉर्म संबंधित राज्य की राज्य सरकार सरकार की ऑफिशल वेबसाइट पर उपलब्ध हो जाते हैं |


RTE  में बच्चों के चयन के परिणाम


आरटीई एक्ट के तहत निजी स्कूलों में 25% आरक्षित सीटों पर लॉटरी सिस्टम के माध्यम से अभिभावकों के सामने ही लॉटरी निकाली जाती है तथा लॉटरी में चयनित बच्चों के एडमिशन की प्रक्रिया के लिए आगे की तिथि का चुनाव किया जाता है तथा उसी तिथि को बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाती है |


राजस्थान स्टेनोग्राफर भर्ती 2020


आरटीई फॉर्म कब निकाले जाते हैं? 


सभी राज्य में शिक्षा विभाग द्वारा आईडी के लिए आवेदन अलग-अलग तिथियों पर निकाले जाते हैं परंतु आमतौर पर नए सत्र के लिए यह आवेदन जनवरी से अप्रैल माह के बीच निकाले जाते हैं अधिक जानकारी के लिए संबंधित राज्य की शिक्षा विभाग की ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर सही सूचना प्राप्त की जा सकती है।

क्या आरटीई के अंतर्गत किसी भी बच्चों को निष्कासित नहीं किया जा सकता ? 



  • इस एक्ट को पारित करने के पीछे सरकार का मूल मंत्र ही यही है कि बच्चे की प्राथमिक शिक्षा पूरी हूं इसलिए जब तक बच्चे की प्राथमिक शिक्षा पूरी नहीं हो जाती उसे निकाला नहीं जा सकता यदि कोई अभिभावक चाहे तो स्वयं की इच्छा से नाम हटवा सकता है लेकिन सरकार द्वारा उसे निष्कासित नहीं किया जाएगा |
  • सीमित साधन है संसाधनों के अभाव में कई बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं इस एक्ट का मुख्य उद्देश्य यही है कि बच्चों को शिक्षा की गारंटी दी जा सके जिससे बच्चा स्वयं अध्ययन करके सशक्त बने तथा अवसरों का लाभ उठाकर अपने भविष्य को संवार सकें |
  • इस एक्ट के द्वारा समाज के उस वर्ग को शामिल किया गया है जोकि आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है जिससे उन बच्चों को शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है इस रुकावट को दूर करने के लिए सरकार द्वारा यह एक्ट पारित किया गया जिससे देश के भविष्य को आगे बढ़ाया जा सके।

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